
जनघोष-ब्यूरो
हरिद्वार: पथरी थाना क्षेत्र में आपदा मित्र शिवम पर हुई गोलीकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दरअसल, हमलावरों का निशाना कोई और था, मगर गलती से शिवम को गोली लग गई।
पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए चार चचेरे भाइयों को दबोच लिया है। उनके कब्जे से पिस्टल, तमंचा और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

अंधेरे में हुई चूक, गलत शिकार बना शिवम……
दो अगस्त की रात करीब 11 बजे शिवम, जो कि आपदा मित्र के रूप में ड्यूटी करता है, घर से ड्यूटी पर निकल रहा था। रास्ते में नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोककर गोली मार दी और मृत समझकर फरार हो गए। गंभीर हालत में शिवम को अस्पताल ले जाया गया। उसकी पत्नी लक्ष्मी की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था।

पुलिस ने सीसीटीवी और मैनुअल इंटेलिजेंस से खोला राज़…….
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर एसपी देहात और सीओ लक्सर के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल की टीम ने सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और ग्रामीणों से गहन पूछताछ की। आखिरकार, 20/21 अगस्त की रात बिशनपुर कुण्डी निवासी नितीश और उसके चचेरे भाई विक्की को पुलिस ने पकड़ लिया।

पुरानी दुश्मनी में रची गई थी हत्या की साजिश……
पकड़े गए नितीश ने कबूल किया कि कुछ महीने पहले उसके पिता तेलूराम पर गांव के युवक पुरुषोत्तम और उसके साथियों ने हमला किया था। उसी का बदला लेने के लिए नितीश ने चचेरे भाइयों विक्की, विशाल और शुभम संग मिलकर पुरुषोत्तम को खत्म करने की योजना बनाई। लेकिन अंधेरे में शिवम की कद-काठी पुरुषोत्तम जैसी लगी और वे उसे ही निशाना बना बैठे।

बाकी दो भी दबोचे गए, भेजे जाएंगे जेल……
पुलिस ने बाद में विशाल और शुभम को कटारपुर चौक से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। पुलिस कप्तान ने ब्लाइंड केस का पर्दाफाश करने पर टीम को सराहा है। चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
