“दहशत में शहर,अधिकारी सोए,रानीपुर मोड़ से लेकर पूरे इलाके जलमग्न, जनता भगवान भरोसे, व्यापारी जप रहे माला, हे इंद्र देव रहम करो, (देखें वीडियो)..

जनघोष-ब्यूरो
हरिद्वार:
देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को हिला कर रख डाला है।

शहर का दिल कहे जाने वाले चंद्राचार्य चौक से लेकर तमाम रिहायशी इलाकों में कई कई फुट पानी भर गया है लेकिन सिस्टम कहीं भी नजर नहीं आ रहा है पूरा नगर निगम एक तरीके से फेल हो चुका है।

आम जनता जहां भगवान भरोसे है, वही व्यापारी वर्ग लगातार माला जप रहा है। हर किसी की जुबान पर यही बोल है कि इंद्रदेव रहम करो।

सिस्टम के भरोसे रहना पूरी तरीके से मूर्खता ही है। शहर में जल निकासी के बड़े-बड़े दावे भरे उजाले में अफसर करते हैं लेकिन दिन ढलने के साथ दावे की पूरी तरीके से धज्जियां उड़ जाती है।

आलम यह है कि शहर के नाले मानसून खत्म होने के कगार पर हैं तब साफ हो रहे हैं। यानी कि नाले साफ ही नहीं हुए है।ऐसे में पानी की निकासी भला कैसे होगी?

चंद्राचार्य चौक का दूसरा नाम डूब क्षेत्र है, जिससे पब्लिक भली भांति वाकिफ है। चंद्राचार्य चौक पर जल भरा होने से पूरा शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर जाती है लेकिन जिम्मेदार महकमें के लोग चैन की बंसी बज रहे हैं।

उन्हें कोई मतलब नहीं है शहर डूबता है तो डूबता रहे। चंद्रचार्य चौक ही नहीं उपनगर कनखल, ज्वालापुर और मुख्य हरिद्वार से लेकर तमाम इलाके ऐसे हैं, जहां के आमजन दहशत में जी रहे हैं लेकिन जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है।

अधिकारी भी इसी इंतजार में रहते हैं कि जैसे तैसे बरसात का सीजन गुजरे, उसके बाद सब सामान्य हो जाना है। वह भी बरसात के सीजन में पूरे तरीके से तैयार रहते हैं कि उन्हें जनता ने कोसना ही है।

अलबत्ता मगरमच्छ जैसी उनकी खाल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

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