
जनघोष-ब्यूरो
हरिद्वार: शनिवार को एक ही दिन में सिडकुल, कनखल और मेट्रो अस्पताल में घटी अलग-अलग घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। पहले मामले में सिडकुल क्षेत्र में नौकरी करने वाली एक विधवा महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक पीड़िता मूल रूप से कोलकाता निवासी है और सिडकुल में किराये के मकान में रहकर नौकरी करती है। उसने बताया कि पति की मौत के बाद उसकी जान-पहचान मोनू निवासी फूलगढ़ थाना पथरी से हुई। आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और बाद में मुकर गया। जब महिला ने शादी पर जोर दिया तो आरोपी ने धमकी दी कि बात उजागर करने पर जान से मार देगा। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

दूसरे मामले में कनखल क्षेत्र के गंगनहर सिंहद्वार पर शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मिसरपुर अजितपुर निवासी सागर और उसके भाई सोभित ने अपने साथियों के साथ मिलकर निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने मजदूरों को लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से पीटा और एक मजदूर हेमंत को नहर में धक्का दे दिया। साथी मजदूरों ने किसी तरह उसे बचाया। पीड़ित हेमंत पुत्र सूरजपाल निवासी सहारनपुर की तहरीर पर पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। कनखल थाना प्रभारी मनोहर सिंह रावत के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

तीसरी घटना सिडकुल स्थित मेट्रो अस्पताल की है, जहां अस्पताल के बिलिंग मैनेजर अनमोल सिंह ने अमित बोरी निवासी सुभाष नगर, रुड़की पर कार्यालय में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। तहरीर में बताया गया कि आरोपी अस्पताल के सीईओ डॉ. अरशद अहमद के कार्यालय में पहुंचा और गवाही बदलने का दबाव बनाने लगा। मना करने पर उसने पगड़ी खींचने की कोशिश की और गालियां दीं। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

एक ही दिन में तीन अलग-अलग घटनाओं ने हरिद्वार की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में ला दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की विवेचना की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










