
जनघोष-ब्यूरो
गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार से गैरसैंण में शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ गया।
कांग्रेस विधायकों ने कानून-व्यवस्था को लेकर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग की, जिसे अनुमति न मिलने पर उन्होंने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। मामला इतना बढ़ा कि सदन के भीतर टेबल पलट दी गई और माइक व टेबलेट तोड़ दिए गए।

सुबह से रात तक गूंजे नारे…..
प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर पंचायत चुनावों में गड़बड़ी और बालप्रयोग का आरोप लगाया। विपक्ष चर्चा कराने पर अड़ा रहा, जबकि पीठ ने उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। नाराज विधायक वेल में पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और कई बार स्थगित करनी पड़ी।

विधानसभा के बाहर भी विरोध….
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन के मुख्य द्वार पर कांग्रेस विधायकों ने धरना भी दिया। हाथों में पर्चे और तख्तियां लेकर वे सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। पूरे दिन विधानसभा परिसर प्रदर्शन और हंगामे का गवाह बना रहा।

मुख्यमंत्री और अध्यक्ष के बयान…..
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी हंगामे को गैरजरूरी बताते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर सदन नहीं चलने देना चाहती। उन्होंने इसे पंचायत चुनाव में हार की खीझ बताया। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने लगातार अपील की कि सदन की गरिमा बनाए रखें और मुद्दों पर चर्चा करें, लेकिन हंगामा थमा नहीं।

विपक्ष ने सदन में डाला डेरा…..
दिनभर की नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायक रात को भी सदन में डटे रहे। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, ज्वालापुर विधायक इंजीनियर रवि बहादुर, पिरान कलियर विधायक फुरकान अहमद, भगवानपुर विधायक ममता राकेश और हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत समेत कई कांग्रेस विधायक विधानसभा भवन के अंदर ही बिस्तर डालकर बैठ गए। उनके साथ खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार भी मौजूद हैं।

जनता में निराशा……
सदन के पहले ही दिन हंगामे, तोड़फोड़ और रातभर डटे रहने की रणनीति को लेकर आम जनता में भी नाराजगी है। लोग कह रहे हैं कि जनता के टैक्स से चलने वाले सदन में बहस और समाधान की जगह केवल शोरगुल और सियासी प्रदर्शन हो रहा है।
