
जनघोष-ब्यूरो
हरिद्वार: श्रावण मास के पावन अवसर पर उत्तराखंड सरकार की पहल और प्रशासनिक तत्परता से कांवड़ यात्रा इस बार एक नई मिसाल कायम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा परिकल्पित “ग्रीन एंड क्लीन कांवड़ यात्रा” का स्वरूप अब धरातल पर स्पष्ट रूप से उभर रहा है। यात्रा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरणीय रूप से अनुकूल बनाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं, जिसके लिए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का आभार व्यक्त किया है।
कांवड़ यात्रा मोबाइल एप बना श्रद्धालुओं का सहायक…..
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कांवड़ियों की सुविधा हेतु एक विशेष मोबाइल एप का निर्माण किया गया है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को रियल टाइम जानकारी, मार्गदर्शन, आपातकालीन संपर्क और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। यह एप डिजिटल दक्षता और प्रशासनिक सक्रियता का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।

व्यवस्थाओं से अभिभूत श्रद्धालु, जताया आभार….
देश के विभिन्न कोनों से हरिद्वार पहुंचे शिवभक्तों ने इस वर्ष यात्रा मार्गों एवं मेले के क्षेत्र में की गई व्यवस्थाओं जैसे—स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, स्नान की समुचित व्यवस्था, बेहतर सफाई, चिकित्सीय सेवाएं, विद्युत व प्रकाश व्यवस्था आदि की प्रशंसा करते हुए सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार जताया।

डीएम व एसएसपी स्वयं कर रहे निगरानी….
कांवड़ मेले के सुचारु संचालन को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। वे स्वयं औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं और पल-पल की जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। डीएम ने कहा कि कांवड़ मेला धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए स्मरणीय बनाने हेतु हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

रियल टाइम निगरानी से सजग सुरक्षा तंत्र……
मेला क्षेत्र में 24×7 रियल टाइम निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। सीसीआर (कंट्रोल रूम) से लगातार निगरानी कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने हेतु तत्परता बनाए रखी जा रही है।

ग्रीन एंड क्लीन यात्रा के लिए विशेष स्वच्छता प्रबंध….
नगर निगम हरिद्वार ने स्वच्छता व्यवस्था हेतु 1650 पर्यावरण मित्रों व सफाईकर्मियों की तैनाती की है। साथ ही 10 मुख्य सफाई निरीक्षक 24 घंटे निगरानी में लगे हैं। सफाई को प्रभावी बनाने के लिए 215 डस्टबिन, 90 कूड़ा वाहन, 180 टिनशेड शौचालय, 58 सार्वजनिक शौचालय, 08 स्मार्ट टॉयलेट, 40 मोबाइल टॉयलेट और 120 आधुनिक एफआरपी शौचालय लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला पंचायत द्वारा 19 स्थायी शौचालय, 6 अस्थायी शौचालय, 7 चेंजिंग रूम और 7 अस्थायी चेंजिंग रूम संचालित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस……
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु 29 अस्थायी चिकित्सा शिविरों की स्थापना की गई है, जिनमें 89 डॉक्टर, 117 फार्मेसिस्ट व 150 अन्य चिकित्सा कर्मी कार्यरत हैं। साथ ही, 66 एम्बुलेंस (सरकारी व निजी) की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

प्रकाश व विद्युत व्यवस्था बनी पहचान….
यात्रा मार्गों व पार्किंग क्षेत्रों में कांवड़ियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 100 जनरेटर और 7500 स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की गई है, जिससे हर मार्ग रात्रि में भी रोशन और सुरक्षित बना रहे।