“गैंगरेप केस में पुलिस का शिकंजा: मुख्य आरोपी के बाद दोनों नाबालिग भी गिरफ्त में..

जनघोष-ब्यूरो
हरिद्वार:
कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की सख्त मॉनिटरिंग और तेज पुलिस कार्रवाई ने धनपुरा पथरी सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में बड़ा अपडेट ला दिया है। मुख्य आरोपी अरविन्द को पुलिस पहले ही महज 15 घंटे में जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी थी। अब बाकी बचे दोनों आरोपितों को भी पुलिस ने दबोच लिया, जो जांच में नाबालिग निकले। नियमों के मुताबिक उन्हें संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ऑपरेशन पर कप्तान की पैनी नजर…..
पथरी थाना क्षेत्र के इस संगीन मामले में कप्तान डोबाल ने खुद कार्रवाई की कमान संभाल रखी थी। टीम को स्पष्ट निर्देश था—किसी भी कीमत पर सभी आरोपी जल्द से जल्द पकड़ में आने चाहिए। पुलिस ने साथ ही अपील की कि मामले को किसी भी धार्मिक रंग में न देखा जाए, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

घटना का सिलसिला…..
9 अगस्त को धनपुरा पथरी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि गांव के अरविन्द और दो अन्य युवकों ने उसकी नाबालिग बेटी को फैक्ट्री के पास एक सुनसान मकान में ले जाकर गैंगरेप किया और फिर पकड़े जाने के डर से छत से नीचे फेंक दिया। पीड़िता गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। शिकायत पर थाना पथरी में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई।

पहली गिरफ्तारी से लेकर नाबालिगों तक…..
शिकायत मिलते ही पुलिस ने लगातार दबिशें दीं और अगले ही दिन मुख्य आरोपी अरविन्द को पकड़कर जेल भेज दिया। अब नाबालिग पाए गए दोनों किशोरों को भी नियमों के तहत संरक्षण गृह में रखा गया है और किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेशी की तैयारी चल रही है।

पुलिस टीम में शामिल रहे….
वरिष्ठ उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी
महिला उपनिरीक्षक कल्पना शर्मा
कांस्टेबल जयपाल चौहान
कांस्टेबल मुकेश चौहान

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