
जनघोष-ब्यूरो
हरिद्वार: सूबे को हिला कर रख देने वाले नगर निगम भूमि खरीद घोटाले की विजिलेंस जांच कछुआ गति से चल रही है। 54 करोड़ के घोटाले की जांच अब तक पूरी न होने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इधर दोषी अफसर अपनी बचाव की सेटिंग गेटिंग में लगातार जुटे हुए हैं,इस तरह की चर्चा है। पब्लिक की जुबा पर है कि समय की चादर धीरे धीरे घोटाले को ढक लेगी,हालांकि भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रुख रखने वाले सीएम पुष्कर सिंह धामी से आमजन को दोषी अफसरान पर कारवाई की पूरी उम्मीद है।

कई माह पूर्व यह सनसनीखेज मामला सामने आया था ।नगर निगम ने गांव सराय में अपने कूड़ा निस्तारण केंद्र के विस्तारीकरण के लिए उससे सटी भूमि 54 करोड़ में खरीदी थी। हैरानी की बात यह थी की भूमि का लैंड यूज चेंज कर उसकी कीमत कई गुना बढ़ाने का खेल खेला गया था । मामले के उछलने के बाद पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कार्रवाई की थी।

तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन एसडीएम अजय वीर सिंह समेत नगर निगम के कई अधिकारी कर्मचारी को निलंबित किया गया था। वरिष्ठ आईएएस रणवीर सिंह चौहान ने भी अपनी जांच में अफसरान को दोषी पाते हुए रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को सौंप दी थी। इधर सीएम ने भ्रष्टाचार को लेकर पूरे मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए थे।

कई माह गुजरने के बाद अब तक भी विजिलेंस अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है ,लिहाजा दोषी अफसर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्णय नहीं हो सका है ।ऐसे में रह रहकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पब्लिक की जुबा पर यही बोल है कि आखिर कब जांच पूरी होगी? जांच पूरी होने के साथ 54 करोड़ का घोटाला करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी तस्वीर भी साफ जांच पूरी होने पर साफ होगी।

आमजन बोलते हैं कि समय गुजरने के साथ-साथ घोटाले पर परत चढ़ती जाएगी, ऐसे में दोषी अफसर के खिलाफ शायद ही कुछ कार्रवाई हो पाए। वह फिर किसी न किसी विभाग की कमान संभालते हुए नजर आएंगे। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार को लेकर लगातार मुहिम छेड़े हुए हैं।कई सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचे गए हैं, ऐसे में नगर निगम के घोटालेबाजों के खिलाफ भी कड़ा एक्शन होगा ऐसी उम्मीद भी आमजन में बनी हुई है।
