“कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग पर एसटीएफ का ऑपरेशन, दो सदस्य गिरफ्तार, जेल से चल रहा था जमीनों पर कब्जे का धंधा..

जनघोष-ब्यूरो
देहरादून/हरिद्वार:
एसटीएफ ने कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग अवैध तरीके से करोड़ों की संपत्ति और पार्किंगों पर कब्जा करने में सक्रिय था। पुलिस ने रुड़की क्षेत्र से प्रवीण वाल्मीकि के भतीजे मनीष उर्फ बॉलर और पंकज अष्टवाल को पकड़ा है। दोनों पर करोड़ों की संपत्तियों को फर्जी कागज तैयार कर बेचने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, प्रवीण वाल्मीकि कभी सुनील राठी गैंग का सदस्य रहा है। वर्तमान में वह सितारगंज जेल में बंद है, लेकिन वहीं से अपने गुर्गों के जरिए हरिद्वार में जमीनों और ठेकों पर कब्जा कर रहा था। जांच में सामने आया कि गैंग अब तक कई हत्याओं को अंजाम दे चुका है।

जमीन कब्जाने के लिए की गई हत्या….
रुड़की के सुनेहरा निवासी श्याम बिहारी की 2014 में मौत के बाद उनकी करोड़ों की संपत्ति छोटे भाई कृष्ण गोपाल देख रहे थे। 2018 में इस संपत्ति पर कब्जे की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद संपत्ति श्याम बिहारी की पत्नी रेखा संभालने लगीं। गैंग ने रेखा पर भी दबाव बनाया, लेकिन इनकार करने पर 2019 में उनके भाई सुभाष पर मनीष बॉलर और साथियों ने गोली चला दी। इसके बाद परिवार दहशत में आकर क्षेत्र छोड़ गया।

फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से करोड़ों का खेल….
खाली पड़े मकानों और जमीनों पर कब्जा करने के लिए गैंग ने फर्जीवाड़े का सहारा लिया। कृष्ण गोपाल की पत्नी स्नेहलता और रेखा के नाम से नकली पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई। इन्हीं के आधार पर करोड़ों की जमीन पंकज अष्टवाल के नाम की गई और बाद में आगे बेच दी गई।

जेल से चल रहा था गैंग का नेटवर्क….
2022 में हरिद्वार जेल में प्रवीण वाल्मीकि और सुनील राठी दोनों बंद थे। इसी दौरान कनखल क्षेत्र में तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति को कब्जाने की साजिश रची गई। जेल में बंद संदीप कुमार एरोन की जमीन को हथियाने के लिए मनीष बॉलर और संजय चांदना से एग्रीमेंट कराया गया। हालांकि बाद में सुनील राठी के दबाव में यह एग्रीमेंट खत्म करना पड़ा।

गिरफ्तार आरोपी…..
मनीष उर्फ बॉलर (40), निवासी ऋषिनगर नई बस्ती ग्राम सुनेहरा, रुड़की।
पंकज अष्टवाल (30), निवासी ग्राम सुनेहरा, रुड़की।
एसटीएफ ने दोनों से पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अन्य गैंग सदस्यों की जानकारी जुटाई है। जल्द ही शेष आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा। इसके अलावा गैंग द्वारा कब्जाई गई अन्य संपत्तियों की जांच भी तेज कर दी गई है।

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